दिल्ली प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान ऑनलाइन व कैलकुलेटर NDMC, MCD, EDMC, SDMC


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यह पोस्ट उनके लिए है जो में मकान मालिक के तौर पर रहते है। दिल्ली के सभी मकान मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स देना पड़ता है। लेकिन उन सभी मालिकों में से कई मकान मालिक अपना टैक्स भरने में चूक जाते है। अगर वह ऑफलाइन तरीके से दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स चुकाते है तो उन्हें एक लम्बी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसमें ज्यादा समय की बर्बादी होती है। इसलिए हमारे पास एक और विकल्प है जो सबसे आसान सबसे तेज और सबसे सुरक्षित है। यह तरीका है ऑनलाइन का जिसे दिल्ली के मकान मालिकों को उपयोग में लाना चाहिए।

अगर आप किसी कारणवश अपनी प्रॉपर्टी का टैक्स चुकाने में असमर्थ हो जाते हो तो और एक साल तक प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरते हो तो आपको एमसीडी पेनल्टी तौर पर रकम देनी पड़ती है। अगर आप के द्वारा अपनी प्रॉपर्टी का टैक्स कई सालों तक नहीं भरा जाता है तो एमसीडी यानि की म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का आपकी प्रॉपर्टी पर राशि के रूप में ब्याज रह जाता है। इसकी वजह से आप अपनी प्रॉपर्टी को बेचने में बहुत ज्यासा दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही तीसरा नुक्सान यह है कि प्रॉपर्टी का लोन बैंक वाले नहीं देते है। क्योंकि बैंक वाले कर्मचारी प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद मांगते है। उसके बाद ही आपको प्रॉपर्टी का लोन मिल सकता है।

मुख्य सवाल यह आता है की कौन कितना और किसको टैक्स भरेगा। सबसे पहले यह जानना जरुरी है कि दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स किसको देते है। दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स लेने का कार्य एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) यानी दिल्ली नगर निगम को तीन क्षेत्रों में बांटा जाता है। पहला क्षेत्र उत्तरी दिल्ली नगर निगम (नार्थ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) का आता है। दूसर क्षेत्र दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) का आता है। तीसरा क्षेत्र पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईस्ट दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) का आता है। दिल्ली के इन तीन क्षेत्रों में कई माकन मालिक रहते है।

आप यहाँ पर यह मुमकिन तो नहीं कि सभी दिल्ली माकन मालिकों की प्रॉपर्टी की कीमत एक जैसी हो। किसी की प्रॉपर्टी की कीमत ज्यादा भी हो सकती है और काम भी। इसीलिए दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 8 श्रेणियां जारी की है। जो अंग्रेजी वर्णमाला ए से एच तक को श्रेणियां है। ए श्रेणी वाले प्रॉपर्टी के मालिक ज्यादा टैक्स देते है जबकि एच श्रेणी में आने वाले काम टैक्स देते है। इन सभी श्रेणियों के अलग अलग यूनिट एरिया वैल्यू के हिसाब से टैक्स भी अलग अलग होतें है।

How to Get Rebate on Property Tax in Delhi?

दिल्ली में किस तरह मिलती है प्रॉपर्टी टैक्स पर रिबेट? -: प्रॉपर्टी पर रिबेट किसको कितनी मिलेगी यह म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन तय करती है। निचे दी गई प्रॉपर्टी टैक्स पर रिबेट (छूट) म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा दी गई है।

  • अगर अपने साल के तीन महीने का प्रॉपर्टी टैक्स एक ही बार में बी हर दिया तो आपको 15 प्रतिशत की रिबेट मिलेगी।
  • जिनके 100 स्क्वेयर मीटर वाले डीडीए/ सीजीएचइस फ्लेट होते है उन्हें मूल्य का 10 प्रतिशत रिबेट मिलती है।
  • अगर किसी महिला, विकलांग या वरिष्ठ नागरिक की प्रॉपर्टी हो तो उन्हें 30 प्रतिशत रिबेट मिलेगी।

How to Calculate Your Delhi Property Tax Yourself?

दिल्ली में खुद कैसे करें अपने प्रॉपर्टी टैक्स की गणना? -: म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की 8 श्रेणियाँ में से आपकी प्रॉपर्टी किसी न किसी श्रेणी में आती होगी। हर श्रेणी का प्रॉपर्टी टैक्स अलग अलग होता है। अगर आपको दिल्ली की प्रॉपर्टी टैक्स की गणना करना है तो म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इसके लिए फॉर्मूला बनाया है।

यह इस प्रकार है -:

प्रॉपर्टी टैक्स = एक्चुअल वैल्यू x रैट ऑफ़ टैक्स

एक्चुअल वैल्यू = यूनिट एरिया वैल्यू एक्स फेक्टर x यूज फैक्टर x स्टक्चर फैक्टर x फ्लेट फैक्टर x ऑक्युपेंसी

रैट की दरें – प्रॉपर्टी टैक्स के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन हर साल ए से एच तक रैट की डरीं जारी करता है।

यूनिट एरिया वैल्यू – इसमें टैक्स का भुगतान प्रॉपर्टी पर निर्मित क्षेत्र, निर्माण की अवधि, बिल्डिंग का स्टरक्चर, लोकेशन और यह प्रॉपर्टी किस टाइप की है।

ऐज फैक्टर – पुराने प्रॉपर्टी के मालिकों को काम तेज़=क्ष देना होता है और नय प्रॉपर्टी के मालिकों को ज्यादा टैक्स देना पड़ता है।

यूज फैक्टर – जो प्रॉपर्टी व्यपारिक रूप से चलाई जाती है वह प्रॉपर्टी ज्यादा टैक्स देती है। व्यपारिक प्रॉपर्टी के मुकाबले रिहायशी प्रॉपर्टी कम टैक्स देती है।

स्ट्रक्चर फैक्टर – आरसीसी कंस्ट्रक्शन पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ज्यादा टैक्स लेती है/ आरसीसी के मुकाबले दिल्ली में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन लॉ वैल्यू कंस्ट्रक्शन से कम टैक्स लेती है।

ऑक्युपेंसी फैक्टर – किराय पर दी गई प्रॉपर्टी पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ज्यादा टैक्स लेती है। अगर उसने अपनी प्रॉपर्टी को किराय पर न देकर खुद रह रहा हो तो म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कम टैक्स लेती है।

How to Pay Property Tax Online in Delhi?

दिल्ली में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स कैसे भरें? -: ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भरना बहुत ही आसान है। इसमें आपको कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ हमारे द्वारा नीचे बताये गए स्टेप को फॉलो करना है और मिनटों में बिना किसी परेशानी के आपका प्रॉपर्टी टैक्स भर जायेगा।

  1. सबसे पहले आपको दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें

  2. वेबसाइट के खुलने पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), अपने घर कर की गणना करें, नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के ऑप्सन मिलेंगे। आपकी प्रॉपर्टी जिस क्षेत्र के ऑप्सन पर आती है उस क्षेत्र के ऑप्सन पर क्लिक करें।

  3. क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। अगर आपको नहीं पता है की मेरी कालोनी किस क्षेत्र में आती है तो खुले हुए पेज के होम के बगल में जनरल इनफार्मेशन का ऑप्शन होगा। जनरल इनफार्मेशन पर क्लिक करके सारी कालोनियों की लिस्ट आपको दिख जाएगी। आप अपनी कालोनी भी देख सकते है।

  4. जनरल इनफार्मेशन में आप प्रॉपर्टी टैक्स रैट वाले ऑप्शन पर सलेक्ट करके आप प्रॉपर्टी टैक्स भी पता लगा सकते हो।

  5. अब चलते है अपने प्रॉपर्टी टैक्स पर। वेबसाइट के बीच में ‘प्रॉपर्टी टैक्स’ लिखा होगा। उस ऑप्शन पर क्लिक करें।

  6. क्लिक करने के बाद टैक्स भरने के तीन ओप्शन दिखाई दे रहे होंगे। पहले ऑप्शन में प्रॉपर्टी आईडी से आप प्रॉपर्टी टैक्स भर सकते हैं। अगर अपने 2019-20 के बीच में प्रॉपर्टी टैक्स भरा होगा तो आपको प्रॉपर्टी आईडी मिली होगी।

  7. अगर आपके पास किसी कारण 2019-20 की प्रॉपर्टी आईडी नहीं है तो किसी अन्य साल की प्रॉपर्टी आईडी होगी। अगर है तो दूसरे ऑप्शन पर क्लिक करें।

  8. अगर आप पहली बार प्रॉपर्टी टैक्स दे रहे हो तो तीसरे वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।

  9. अगर आप तीसरे वाले ऑप्शन पर क्लिक करते हो तो एक फॉर्म खुलेगा जिसमे पूछी गई जानकारी भर देनी है।

  10. फॉर्म भरने के बाद सबमिट बटन कर दें। सबमिट करने के बाद क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के प्रॉपर्टी टैक्स भर दें।

इस तरह से आप दिल्ली के अगर किसी भी क्षेत्र में आते हैं तो अपना प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन भर सकते हैं। आप कैलकुलेट भी कर सकते हैं कि आपका टैक्स इस वर्ष कितना बना है और आपको ऑनलाइन कितना भुगतान करना है। किसी भी समस्या के लिए आप अपने नगर निगम के ऑफिस में जाकर मदद भी ले सकते हैं।

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